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	<title>Comments on: मैं और हिन्दी लेखन</title>
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	<description>All About Technology in Hindi</description>
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		<title>By: कम्प्यूटर कर्मियों का कम काम</title>
		<link>http://takneek.com/main_aur_hindee_lekhan/comment-page-1/#comment-9</link>
		<dc:creator>कम्प्यूटर कर्मियों का कम काम</dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 May 2007 18:50:07 +0000</pubDate>
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		<description>[...] मेरे बारे&#160;में.        &#8592; मैं और हिन्दी लेखन&#160;. [...]</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>[...] मेरे बारे&nbsp;में.        &larr; मैं और हिन्दी लेखन&nbsp;. [...]</p>
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		<title>By: शैलेश भारतवासी</title>
		<link>http://takneek.com/main_aur_hindee_lekhan/comment-page-1/#comment-15</link>
		<dc:creator>शैलेश भारतवासी</dc:creator>
		<pubDate>Fri, 20 Apr 2007 01:06:56 +0000</pubDate>
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		<description>कमल जी,

मेरे दिमाग की नसें हिल गईं। ऐसे-ऐसे तकनीकी टर्म हैं कि कुछ के बारे में सुना भी नहीं है। लेकिन आपमें निहित ऊर्जा से यह सुकून मिलता है कि आगे से सबकुछ पढ़ने को मिलेगा। मुझ, बेवकूफ की जानकारी बढ़ेगी। आपके बारे में पढ़ना सुखद रहा। आप कम्प्यूटर पर हिन्दी तबसे प्रयोग कर रहे हैं जब मैंने कम्प्यूटर नामक शब्द भी नहीं सुना था।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>कमल जी,</p>
<p>मेरे दिमाग की नसें हिल गईं। ऐसे-ऐसे तकनीकी टर्म हैं कि कुछ के बारे में सुना भी नहीं है। लेकिन आपमें निहित ऊर्जा से यह सुकून मिलता है कि आगे से सबकुछ पढ़ने को मिलेगा। मुझ, बेवकूफ की जानकारी बढ़ेगी। आपके बारे में पढ़ना सुखद रहा। आप कम्प्यूटर पर हिन्दी तबसे प्रयोग कर रहे हैं जब मैंने कम्प्यूटर नामक शब्द भी नहीं सुना था।</p>
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		<title>By: ePandit</title>
		<link>http://takneek.com/main_aur_hindee_lekhan/comment-page-1/#comment-14</link>
		<dc:creator>ePandit</dc:creator>
		<pubDate>Thu, 19 Apr 2007 06:16:00 +0000</pubDate>
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		<description>कमल जी आपके बारे में जानना दिलचस्प रहा। एक तो यह पता चला कि आपकी तकनीकी जानकारी बहुत अच्छी है दूसरा यह कि आप चिट्ठाजगत में काफी समय पढ़ने के बाद लेखन में कूदे हैं।

उम्मीद है आप सक्रिय रुप से लेखन के अलावा हिन्दी के प्रचार-प्रसार में भी अपना योगदान देंगे।

श्रीस --&gt; श्रीश

@रवि,
रवि जी अगर सिर्फ इंटरनेट की बात करें तो लिनक्स समेत सभी OS में हिन्दी लिखने का एक श्रेष्ठ टूल फायरफॉक्स Indic Input Extension है जिसके बारे में हाल ही में मैंने &lt;a href=&quot;http://epandit.blogspot.com/2007/04/type-hindi-in-firefox.html&quot; rel=&quot;nofollow&quot;&gt;अपनी पोस्ट&lt;/a&gt; में बताया था।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>कमल जी आपके बारे में जानना दिलचस्प रहा। एक तो यह पता चला कि आपकी तकनीकी जानकारी बहुत अच्छी है दूसरा यह कि आप चिट्ठाजगत में काफी समय पढ़ने के बाद लेखन में कूदे हैं।</p>
<p>उम्मीद है आप सक्रिय रुप से लेखन के अलावा हिन्दी के प्रचार-प्रसार में भी अपना योगदान देंगे।</p>
<p>श्रीस &#8211;&gt; श्रीश</p>
<p>@रवि,<br />
रवि जी अगर सिर्फ इंटरनेट की बात करें तो लिनक्स समेत सभी OS में हिन्दी लिखने का एक श्रेष्ठ टूल फायरफॉक्स Indic Input Extension है जिसके बारे में हाल ही में मैंने <a href="http://epandit.blogspot.com/2007/04/type-hindi-in-firefox.html" rel="nofollow">अपनी पोस्ट</a> में बताया था।</p>
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		<title>By: अनुनाद</title>
		<link>http://takneek.com/main_aur_hindee_lekhan/comment-page-1/#comment-13</link>
		<dc:creator>अनुनाद</dc:creator>
		<pubDate>Thu, 19 Apr 2007 03:26:59 +0000</pubDate>
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		<description>हिन्दी में अनेकानेक तकनीकी विषयों पर चिट्ठे आरम्भ करने की महती आवश्यकता है। इसलिये आपके तकनीकी चिट्थे को पाकर बहुत खुशी हो रही है।

जीतु भाई का सुझाव भी बहुत उपयोगी है और कार्यान्वित करने में भी कठिन नहीं है। इसका भारी लाभ हो सकता है।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>हिन्दी में अनेकानेक तकनीकी विषयों पर चिट्ठे आरम्भ करने की महती आवश्यकता है। इसलिये आपके तकनीकी चिट्थे को पाकर बहुत खुशी हो रही है।</p>
<p>जीतु भाई का सुझाव भी बहुत उपयोगी है और कार्यान्वित करने में भी कठिन नहीं है। इसका भारी लाभ हो सकता है।</p>
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		<title>By: जीतू</title>
		<link>http://takneek.com/main_aur_hindee_lekhan/comment-page-1/#comment-12</link>
		<dc:creator>जीतू</dc:creator>
		<pubDate>Thu, 19 Apr 2007 03:05:12 +0000</pubDate>
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		<description>बहुत सही, इसी तरह के लेखन की जरुरत है। तकनीकी भी हो, लेकिन सामान्य बोलचाल की भाषा मे भी हो। इसी तरह के लेख, इन्टरनैट पर हिन्दी के लिए नए नए दरवाजे खोलेंगे।

मेरा एक सुझाव है, सभी चिट्ठाकार, अपने अपने शहर मे वैब पर हिन्दी से सम्बंधित यूजर ग्रुप बनाएं। लोगो को जागरुक करें और उन्हे इन्टरनैट पर हिन्दी ब्लॉग लिखने के लिए प्रेरित करें। हिन्दी पर जितने तरह के लोग आएंगे साथ मे उससे भी ज्यादा पाठक लाएंगे। पाठक आएंगे तो पीछे पीछे कम्पनियां और पत्रकार भी आएंगे।

इन्टरनैट पर हिन्दी को अभी बहुत सारा रास्ता तय करना है। सभी का बराबर साथ चाहिए।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>बहुत सही, इसी तरह के लेखन की जरुरत है। तकनीकी भी हो, लेकिन सामान्य बोलचाल की भाषा मे भी हो। इसी तरह के लेख, इन्टरनैट पर हिन्दी के लिए नए नए दरवाजे खोलेंगे।</p>
<p>मेरा एक सुझाव है, सभी चिट्ठाकार, अपने अपने शहर मे वैब पर हिन्दी से सम्बंधित यूजर ग्रुप बनाएं। लोगो को जागरुक करें और उन्हे इन्टरनैट पर हिन्दी ब्लॉग लिखने के लिए प्रेरित करें। हिन्दी पर जितने तरह के लोग आएंगे साथ मे उससे भी ज्यादा पाठक लाएंगे। पाठक आएंगे तो पीछे पीछे कम्पनियां और पत्रकार भी आएंगे।</p>
<p>इन्टरनैट पर हिन्दी को अभी बहुत सारा रास्ता तय करना है। सभी का बराबर साथ चाहिए।</p>
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