7 responses to “इस चिट्ठे का प्रयोजन..”

  1. अतुल शर्मा

    आप ही कुछ खुलासा करें।

  2. Gyandutt Pandey

    “आप किन किन विषयों के बारे में जानना चाहते हैं “
    आपके बारे में मित्र.

  3. Sanjeeva Tiwari

    TechnoChithha me hamare Pandit ji kaphi kuch hamen bata rahe hain
    Chalo achha hai ab aap se bhi jankari milate rahegi
    sahkari hindi chittha jindabad !

  4. masijeevi

    स्‍वागत है मित्र

  5. श्रीश शर्मा 'ई-पंडित'

    कमल जी स्वागत है आपका हिन्दी चिट्ठाजगत में। यह बहुत खुशी की बात है कि आप तकनीकी विषयों पर लिखने जा रहे हैं। हिन्दी में इस विषय में लिखने वाले बहुत कम हैं। शुरुआत तो कई लोगों ने की लेकिन पाठकों की वांछित प्रतिक्रिया न मिलने से ठंडे पड़ गए। अतः एक बात आपसे कहना चाहूँगा कि फिलहाल आप इस काम को हिन्दी सेवा के तौर पर करें। आपको तकनीकी लेखन बारे अपने अनुभव से कुछ सुझाव दूँगा, उम्मीद है उन्हें पॉजिटिवली लेंगे।

    १. ऐसे विषयों पर लिखें जो कि बहुजन हिताय हों। आपके पाठकों के लिए उपयोगी हों, उनकी रुचि के हों। ऐसे विषय न लिखें जो उनके लिए उपयोगी न हों अथवा बहुत ही जटिल किस्म के हों।

    २. तकनीकी लेखन में भाषा एकदम सरल और रुचिकर रखें। साथ ही लंबी पोस्ट को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट लें। इससे पाठक की मानसिकता पर पॉजिटिव असर पढ़ता है और वो लंबे लेख पढ़ने से घबराता नहीं।

    ३. तकनीकी लेखन में टिप्पणी का मोह त्यागें। कर्मण्येव वाधिकारस्ते के फॉर्मूले पर चलते हुए बस लिखते जाएं। टिप्पणी आएं तो ठीक न आएं तो ठीक।

    ४. लेखों में सरल से जटिल की ओर अर्थात from concrete to abstract के तरीके पर चलें। कुछ इस तरह से कि लेख को दो हिस्से में बांट लें। पहले हिस्से में आम पाठक के लिए उपयोगी और उसे समझ आने वाली बात दूसरे हिस्से में उसका तकनीकी थ्योरिटिकल पहलू।

    बाकी उम्मीद है कि निरंतर लिखते रहेंगे।

  6. ePandit

    अरे हाँ एक बात और, मेरा विचार है कि तकनीकी लेखन के लिए वर्डप्रैस.कॉम प्लेटफार्म उपयुक्त नहीं क्योंकि इसमें काफी बंदिशें हैं, इसीलिए मैंने वर्डप्रैस.कॉम से ब्लॉगर पर शिफ्ट किया था। इस बारे में मेरी यह पोस्ट पढ़ें।

  7. arun  arora

    shrIsh जी की बात पर ध्यन दे ,बहुत अच्छा लेखन है और उतनी ही अच्छी राय

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